रिपोर्टर : शिंभू सिंह शेखावत
फुलेरा। राजस्थान में इलेक्ट्रिक रेल इंजनों की बढ़ती संख्या को देखते हुए रेलवे ने फुलेरा में प्रदेश का दूसरा इलेक्ट्रिक लोको शेड विकसित करने की तैयारी शुरू कर दी है। प्रस्तावित शेड में 500 इलेक्ट्रिक इंजनों को रखने और उनके रखरखाव की सुविधा होगी। परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार की ओर से गजट अधिसूचना जारी की गई है।
अभी भगत की कोठी में है सुविधा
वर्तमान में राजस्थान में जोधपुर के भगत की कोठी स्थित लोको शेड में इलेक्ट्रिक इंजनों के रखरखाव की सुविधा उपलब्ध है। यहां करीब 200 इलेक्ट्रिक इंजन हैं। भारतीय रेलवे में हर साल 1600 से अधिक नए इलेक्ट्रिक इंजन तैयार किए जा रहे हैं। ऐसे में इंजनों की बढ़ती संख्या के साथ रखरखाव सुविधाओं का विस्तार जरूरी हो गया है।
भगत की कोठी लोको शेड की स्थापना वर्ष 1972 में मीटरगेज डीजल इंजनों के लिए की गई थी। वर्ष 1996 में इसे ब्रॉडगेज डीजल इंजनों के अनुरूप उन्नत किया गया, जबकि वर्ष 2023 में इलेक्ट्रिक इंजनों के रखरखाव के लिए विकसित किया गया।
रेल नेटवर्क के लिहाज से अहम है फुलेरा
फुलेरा जंक्शन दिल्ली-अहमदाबाद-मुंबई रेल मार्ग सहित राजस्थान के प्रमुख रेलमार्गों के बीच महत्वपूर्ण स्थान रखता है। यहां से प्रदेश के कई प्रमुख शहरों और जंक्शनों के लिए रेल संपर्क उपलब्ध है। इसके अलावा फुलेरा का पश्चिमी डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (डब्ल्यूडीएफसी) से जुड़ाव भी इसकी अहमियत बढ़ाता है।
ऐसे में फुलेरा में 500 इंजनों की क्षमता वाला इलेक्ट्रिक लोको शेड विकसित होने से रेलवे को इंजनों के रखरखाव और संचालन संबंधी सुविधाओं के विस्तार में मदद मिलने की उम्मीद है। यह परियोजना भविष्य में बढ़ने वाले रेल यातायात और इलेक्ट्रिक इंजनों की जरूरतों को ध्यान में रखकर महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।



