रिपोर्टर : शिंभू सिंह शेखावत
श्रीमाधोपुर। राजस्थान सरकार के नगरीय विकास एवं आवासन मंत्री झाबर सिंह खर्रा के परिवार के चार सदस्य पंचायत चुनाव में मैदान में उतरने से क्षेत्र की राजनीति चर्चा में है। मंत्री की पत्नी और छोटे बेटे ने भाजपा प्रत्याशी के रूप में नामांकन दाखिल किया है, जबकि बड़े बेटे ने निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर ताल ठोकी है। वहीं, मंत्री के छोटे भाई की पत्नी भी जिला परिषद चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में मैदान में हैं।
पंचायत समिति सदस्य चुनाव के नामांकन के अंतिम दिन शुक्रवार को 69 अभ्यर्थियों ने पर्चे दाखिल किए। इसके साथ ही कुल नामांकन की संख्या 105 हो गई।
मंत्री झाबर सिंह खर्रा की पत्नी शांति देवी ने पंचायत समिति के वार्ड नंबर 17 से तथा छोटे बेटे अजय सिंह खर्रा ने वार्ड नंबर 20 से भाजपा प्रत्याशी के रूप में नामांकन दाखिल किया। वहीं, बड़े बेटे दुर्गा सिंह खर्रा वार्ड नंबर 19 से निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर पहले ही नामांकन भर चुके हैं। मंत्री के छोटे भाई महावीर सिंह खर्रा की पत्नी प्रतिमा ने जिला परिषद के वार्ड नंबर 23 से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में पर्चा दाखिल किया है।
प्रधान पद की दावेदारी से जोड़कर देखी जा रही उम्मीदवारी
शांति देवी लगातार दूसरी बार पंचायत समिति सदस्य का चुनाव लड़ रही हैं। पिछले चुनाव में वह सदस्य निर्वाचित हुई थीं, हालांकि उस समय कांग्रेस की रामकोरी यादव प्रधान बनी थीं। इस बार श्रीमाधोपुर पंचायत समिति का प्रधान पद सामान्य महिला के लिए आरक्षित है। ऐसे में शांति देवी की उम्मीदवारी को प्रधान पद की संभावित दावेदारी से जोड़कर देखा जा रहा है।
अजय सिंह खर्रा भाजपा के जिला मंत्री हैं और पहली बार पंचायत समिति सदस्य का चुनाव लड़ रहे हैं। एक ही परिवार के सदस्यों का अलग-अलग राजनीतिक दलों और निर्दलीय प्रत्याशियों के रूप में चुनाव मैदान में उतरना श्रीमाधोपुर की सियासत में चर्चा का विषय बन गया है।



