रेल सेवा सुधार समिति अध्यक्ष रवि सोनी ने जताई नाराजगी, दक्षिण भारत के लिए बेहतर रेल सुविधा की उठाई मांग
सागर
रेलवे बोर्ड द्वारा 4 जून 2026 को रीवा–चर्लापल्ली एक्सप्रेस को नियमित ट्रेन नंबर 12058/12057 से संचालित किए जाने की सैद्धांतिक स्वीकृति दिए जाने के बावजूद अब तक ट्रेन का नियमित संचालन शुरू नहीं हो पाया है। इस बीच रीवा–चर्लापल्ली स्पेशल ट्रेन का संचालन बंद हुए भी लगभग 21 दिन हो चुके हैं। लगातार हो रही देरी से यात्रियों में असंतोष बढ़ रहा है।
रेल सेवा सुधार समिति के अध्यक्ष रवि सोनी ने कहा कि स्वीकृति मिलने के करीब डेढ़ माह बाद भी ट्रेन नियमित नंबर से पटरियों पर नहीं लौट सकी है। उन्होंने कहा कि रेलवे अधिकारियों की ओर से बार-बार यही जवाब दिया जा रहा है कि ट्रेन की समय-सारणी को अंतिम रूप दिया जा रहा है, लेकिन इतनी लंबी अवधि तक केवल समय-सारणी के नाम पर देरी करना यात्रियों की समस्याओं के प्रति गंभीरता की कमी को दर्शाता है। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि ऐसा प्रतीत होता है मानो रेलवे प्रतिदिन समय-सारणी में केवल एक शब्द जोड़ रहा हो।
रवि सोनी ने कहा कि मध्य भारत के हजारों यात्रियों को दक्षिण भारत के प्रमुख शहरों—चेन्नई, बेंगलुरु, हैदराबाद, नागपुर और तिरुवनंतपुरम—की यात्रा के लिए पर्याप्त रेल सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2013 में शुरू हुई खजुराहो–ललितपुर रेल लाइन पर उत्तर मध्य रेलवे, प्रयागराज ने प्रयागराज से बेंगलुरु के बीच सप्ताह में पांच दिन ट्रेन सेवा शुरू कर दी, जबकि वर्ष 1923 से संचालित बीना–कटनी रेल लाइन पर आज भी यात्रियों को ऐसी सुविधाओं का इंतजार करना पड़ रहा है।
उन्होंने पश्चिम मध्य रेलवे, जबलपुर जोन पर सवाल उठाते हुए कहा कि यात्रियों की लंबे समय से चली आ रही मांगों के बावजूद दक्षिण भारत के लिए नई रेल सेवाओं और नियमित संचालन को लेकर अपेक्षित गंभीरता दिखाई नहीं दे रही है। इससे सागर, बीना, दमोह, कटनी, रीवा सहित पूरे क्षेत्र के यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
रवि सोनी ने कहा कि अंबिकापुर–हजरत निजामुद्दीन एक्सप्रेस को सप्ताह में दो दिन चलाने की घोषणा भी लगभग एक माह पहले की गई थी, लेकिन उसका भी संचालन अब तक शुरू नहीं हो सका। उन्होंने कहा कि घोषणाएं तो लगातार हो रही हैं, लेकिन उन्हें धरातल पर उतारने में अनावश्यक विलंब किया जा रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि नई ट्रेनों की घोषणा के समय जनप्रतिनिधियों में श्रेय लेने की होड़ मच जाती है, लेकिन घोषणा के बाद ट्रेनों का संचालन समय पर शुरू हो, इसकी चिंता कोई नहीं करता। उन्होंने रेलवे प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से मांग की कि रीवा–चर्लापल्ली एक्सप्रेस तथा अंबिकापुर–हजरत निजामुद्दीन एक्सप्रेस का नियमित संचालन शीघ्र शुरू कराया जाए, ताकि मध्य प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों के यात्रियों को बेहतर रेल सुविधा का लाभ मिल सके।



