कलेक्टर के नाम पुलिस को दिया ज्ञापन, प्रवेश, फीस और छात्रों से कथित दुर्व्यवहार सहित कई मुद्दों पर जांच व कार्रवाई की मांग
सागर,
सेंट जोसेफ कॉन्वेंट स्कूल, कैंट सागर के प्रबंधन के खिलाफ मध्यप्रदेश पालक महासंघ की जिला इकाई ने गुरुवार को सांकेतिक सत्याग्रह किया। महासंघ के पदाधिकारियों ने स्कूल परिसर पहुंचकर प्राचार्य सिस्टर मोली थॉमस से मुलाकात की और उन्हें छात्रों एवं अभिभावकों से जुड़े विभिन्न मुद्दों से अवगत कराया। इसके साथ ही कलेक्टर सागर के नाम संबोधित ज्ञापन थाना कैंट पुलिस को सौंपकर जांच एवं आवश्यक कार्रवाई की मांग की।
पालक महासंघ का आरोप है कि स्कूल प्रबंधन द्वारा कुछ विद्यार्थियों को परेशान किया जा रहा है तथा उसी विद्यालय में अध्ययनरत कुछ बच्चों को अगली कक्षा में प्रवेश देने से मना किया गया। संगठन का कहना है कि विद्यालय द्वारा शासन के नियमों एवं कानूनों का उल्लंघन किया जा रहा है और प्रबंधन का रवैया तानाशाहीपूर्ण है।
ज्ञापन में मांग की गई है कि स्कूल द्वारा मध्यप्रदेश शासन के नियमों के कथित उल्लंघन की निष्पक्ष जांच कर वैधानिक कार्रवाई की जाए। साथ ही बिना कारण बताओ नोटिस दिए कुछ विद्यार्थियों को अगली कक्षा में प्रवेश नहीं देने के मामले में भी जांच कर कार्रवाई की जाए। पालक महासंघ का कहना है कि इस संबंध में पूर्व में जिला शिक्षा अधिकारी को भी शिकायत की गई थी, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
संगठन ने यह भी आरोप लगाया कि नए शैक्षणिक सत्र के पहले दिन कुछ बच्चों को स्कूल से बाहर कर दिया गया था। इस मामले में जिला शिक्षा अधिकारी एवं नगर दंडाधिकारी को शिकायत किए जाने के बावजूद कार्रवाई नहीं होने पर भी नाराजगी जताई गई।
ज्ञापन में पिछले सत्र के दौरान छोटे बच्चों को धूप में खड़ा करने, शारीरिक एवं मानसिक प्रताड़ना देने, नियम विरुद्ध री-एडमिशन फीस वसूलने तथा मध्यप्रदेश निजी विद्यालय (फीस संबंधित विषयों का विनिमय) अधिनियम-2017 सहित अन्य मान्यता संबंधी नियमों के उल्लंघन के आरोपों की जांच की भी मांग की गई है।
पालक महासंघ के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. धरणेन्द्र जैन, जिला अध्यक्ष रामदास राज, जिला सह सचिव भूपेंद्र राठौर सहित अन्य पदाधिकारियों ने बताया कि यह सांकेतिक सत्याग्रह था, जिसका उद्देश्य स्कूल प्रबंधन को अभिभावकों एवं विद्यार्थियों की शिकायतों से अवगत कराना है। उन्होंने कहा कि यदि विद्यालय प्रबंधन का रवैया नहीं बदला और शासन के नियमों के अनुरूप विद्यालय का संचालन सुनिश्चित नहीं किया गया, तो संगठन आगे व्यापक आंदोलन करेगा।



