रहली से आदेश अग्निहोत्री की स्पेशल खबर
बुंदेलखंड की ऐतिहासिक और पुरातात्विक धरोहर पूरे देश में मशहूर है।सागर जिले के रहली नगर में सुनार नदी के सुरम्य तट पर करीब 11 सौ साल पुराना ऐतिहासिक सूर्य मंदिर है,जो चंदेल वंश के राजाओं द्वारा बनाया गया था।यह मंदिर वर्तमान में मूल स्वरूप में नही है,लेकिन मंदिर में सूर्य भगवान की मूर्ति चंदेल कालीन कला का अद्भुत नमूना माना जाता है. इस मंदिर का महत्व को लेकर बताया जाता है कि पूरे देश में यह एक इकलौता मंदिर है,जो कर्क रेखा पर स्थित है. इसके अलावा पूर्व दिशा की तरफ मंदिर का मुख होने के कारण इसका विशेष महत्व है।मकर संक्रांति पर सूर्य उपासना का विशेष महत्व मन जाता है इस दिन श्रद्धालु सूर्य भगवान को गुड़ तिल अर्पित कर पूजा अर्चना करते है।
बॉक्स –
● कर्क रेखा पर स्थित एकलौता सूर्य मंदिर ●
इतिहासकार डॉ भरत शुक्ला बताते हैं कि सागर जिला मुख्यालय 40 किमी दूर रहली विकासखंड मुख्यालय में सूर्य मंदिर स्थापित है. यह मंदिर सुनार नदी के तट पर स्थापित है. अपनी ऐतिहासिकता और प्राचीनता के कारण इस मंदिर की दूर-दूर तक चर्चा है. खास बात ये कि स्थानीय लोग मंदिर को अपनी धरोहर मान का पूजा अर्चना करते हैं. इस सूर्य मंदिर की स्थापना 10 वीं शताब्दी में चंदेल वंश के राजाओं द्वारा कराई गई थी.
बॉक्स
● सूर्य मंदिर की विशेषता ●
मंदिर पूर्व मुखी है. बताया जााता है कि सूर्योदय के समय सूर्य की किरणें सीधे मंदिर पर पड़ती हैं. यह मंदिर स्थापत्य कला की शहतीर कला में बना हुआ है. मंदिर में स्थित भगवान सूर्य की प्रतिमा सात घोड़ों के रथ पर सवार है. सूर्य भगवान 7 वर्णों के प्रतीक के साथ अश्व रथ पर सवार हैं. मंदिर में सूर्य देव की प्रतिमा के साथ भगवान सूर्य की दो पत्नियों की भी प्रतिमाएं स्थापित है.साथ ही दाएं और बाएं भगवान विष्णु की प्रतिमा स्थापित है. इस मंदिर में महाश्वेता देवी अभय मुद्रा में हैं और त्रिदेव ब्रह्मा, विष्णु महेश की त्रिमूर्ति भी विराजमान,मंदिर के पृष्ठ भाग पर नाग युगम की आकर्षक पाषाण प्रतिमा जड़ित है।
बॉक्स-
●मंदिर के अच्छे दिन●
करीब नौ वर्ष पूर्व सूर्य भगवान की भारी भरकम पाषाण प्रतिमा चोरी हो गई थी जिसे तत्कालीन एसडीओपी शशांक गर्ग के कुशल निर्देशन में उत्तर प्रदेश से बरामद किया गया था।इसके वाद सूर्यमंदिर को पुरातत्व विभाग ने अपने अधीन किया था जिसके वाद पहली बार सूर्यमंदिर के रखरखाव का काम पुरात्तव विभाग द्वारा कराया गया है बाउंड्री बाल बनने से मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त हो गई है साथ ही रंगरोगन होने से मंदिर की भव्यता बढ़ गई है।




