दमोह-सागर लोकसभा की जनता के साथ दोहरा धोखा
विजय निरंकारी सागर
सागर की जनता को आस लगी थी की इस बार सागर में कुछ ट्रेनों का स्टॉपेज होगा कुछ नई ट्रेन चलेगा लेकिन उनके सपनों पर पानी ही फिर गया। केंद्रीय नेता आश्वासन तो देते हैं लेकिन धरातल पर काम शून्य है। कोरोना कल से बंद हुई ट्रेन 5 साल बाद भी सुचारू रूप से चालू नहीं की गई।
ट्रेन क्र 02190/89 रीवा भोपाल को स्पेशल ट्रेन बनाकर लगातार सप्ताह में दो दिन वाया दमोह सागर बीना होकर चलाया गया जब इसे स्पेशल से नियमित अर्थात रेगुलर ट्रेन बनाकर चलाने की मांग की तो पश्चिम मध्य रेलवे जबलपुर जोन ने इसे ट्रेन क्रमांक बनाकर वाया जबलपुर इटारसी भोपाल नियमित रेगुलर कर दिया
जबकि इसी रूट से कुछ ही माह पहले रीवा भोपाल वंदे भारत एक्सप्रेस चलाई गई थी।
इसके अलावा ट्रेन क्र 11701/02 जबलपुर इंदौर इंटरसिटी वाया दमोह सागर गुना उज्जैन 3दिन
और ट्रेन क्र 11703/04 रीवा इंदौर इंटरसिटी एक्सप्रेसव वाया दमोह सागर बीना विदिशा बैरागढ उज्जैन 3 दिन डा मनमोहनसिंह जी के कार्यकाल में आरंभ किया गया और कोरोना काल में इन्हें बंद कर दिया गया
कौरोना काल के बाद 11703/04 रीवा इंदौर इंटरसिटी डे एक्सप्रेस की जगह ओवरनाइट एक्सप्रेस बनाकर डा अम्बेडकर नगर तक चलाई गईं
और 11701/02 जबलपुर इंदौर इंटरसिटी अब भी बंद ही है
रीवा डा अम्बेडकर नगर एक्सप्रेस की सफलता देखते हुए इसे 3 दिन से सातो दिन चलाए जाने की मांग उठी तो
लालगढ़ चलने वाली ट्रेन भी आश्वासन के घेरे में है। यानी कुल जमा नतीजा यह है कि सागर की जनता को नई ट्रेनों की सौगात नहीं मिली है।
सबसे बड़ी विडंबना यह है कि सागर से जब राज्य रानी सुबह 6:30 पर भोपाल के लिए जाती है तो है निषादपूरा केबिन के पास करीब 1 घंटे खड़ी रहती है जिससे लोकल अप डाउन करने वालों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है लेकिन जबलपुर और भोपाल के डीआरएम इस दिशा में कुछ नहीं करते। वर्तमान सांसद से उम्मीद है कुछ प्रयास कीजिए ताकि जनता को इस दिशा में फायदा मिले।




