डेंगू-मलेरिया के खतरे के बीच चिकित्सा विभाग और नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
रिपोर्टर : शिंभू सिंह शेखावत
नीमकाथाना। शहर में मच्छरों का बढ़ता प्रकोप लोगों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि घरों में मच्छरों की भरमार है, लेकिन चिकित्सा विभाग की ओर से घर-घर सर्वे और नगर पालिका द्वारा फॉगिंग व कीटनाशक छिड़काव जैसी गतिविधियां नजर नहीं आ रही हैं।
शिकायत के अनुसार, राज्य सरकार के निर्देशों और सीकर जिला कलेक्टर के आदेश के बावजूद करीब दो सप्ताह बीतने पर भी चिकित्सा विभाग की टीमों ने घर-घर पहुंचकर सर्वे नहीं किया है। इससे डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ने की आशंका से लोग चिंतित हैं।
वहीं, बिजली कटौती ने परेशानी और बढ़ा दी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार पांच से छह घंटे तक बिजली नहीं आने से बच्चों और बुजुर्गों को गर्मी तथा मच्छरों के कारण मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।
लोगों ने नगर पालिका की सफाई व्यवस्था पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि नालियों की नियमित सफाई नहीं होने और जगह-जगह गंदगी जमा रहने से मच्छरों को पनपने का मौका मिल रहा है। हर वर्ष विभिन्न वार्डों में फॉगिंग और कीटनाशक छिड़काव कराया जाता था, लेकिन इस बार ऐसी कार्रवाई दिखाई नहीं दे रही है।
शहरवासियों ने चिकित्सा विभाग और नगर पालिका प्रशासन से तत्काल घर-घर सर्वे कराने, नालियों की सफाई, फॉगिंग तथा कीटनाशक छिड़काव सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि मच्छरजनित बीमारियों के खतरे को कम किया जा सके।



