रिपोर्टर: शिंभू सिंह शेखावत
पाटन। बालेश्वर धाम में 13 सितंबर से सात दिवसीय श्री शिव महापुराण कथा का आयोजन श्रद्धा और भक्ति के साथ जारी है। 19 सितंबर तक चलने वाली कथा के दौरान पूरा क्षेत्र ‘हर-हर महादेव’ और ‘बम-बम भोले’ के जयकारों से गूंज रहा है।
पूज्य श्री श्री 1008 महामंडलेश्वर मनोरमा गिरी जी महाराज के सानिध्य में आयोजित कथा में व्यासपीठ से ब्रह्मवादिनी कंचन दीदी अपनी मधुर एवं ओजस्वी वाणी से श्रद्धालुओं को शिव भक्ति के विभिन्न प्रसंग सुना रही हैं। कथा में शिव-पार्वती विवाह, सती चरित्र, पार्थिव शिवलिंग की महिमा, 12 ज्योतिर्लिंगों का महत्व तथा भस्म और रुद्राक्ष की महत्ता का वर्णन किया जा रहा है।
कंचन दीदी ने भगवान शिव को त्याग, समरसता और करुणा का प्रतीक बताते हुए श्रद्धालुओं को शिव भक्ति और सदाचार का संदेश दिया। वहीं महामंडलेश्वर मनोरमा गिरी जी महाराज ने कहा कि धार्मिक आयोजनों से समाज में सद्भावना, नैतिक मूल्यों और आध्यात्मिक चेतना का प्रसार होता है।
बालेश्वर धाम में पहली बार हो रही शिव महापुराण कथा
घुघाड़ी धाम के महंत श्री श्री 108 अवध बिहारी दास जी महाराज ने बताया कि बालेश्वर धाम में पहली बार श्री शिव महापुराण कथा का भव्य आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कथा के माध्यम से श्रद्धालुओं को भगवान शिव की महिमा और उनकी भक्ति का महत्व समझने का अवसर मिल रहा है।
कथा में क्षेत्र के साथ ही आसपास के इलाकों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। आयोजन समिति द्वारा श्रद्धालुओं के लिए पेयजल, बैठने और प्रसादी की व्यवस्था की गई है।
संत समाज ने पुजारी परिवार का किया सम्मान
बालेश्वर धाम के पुजारी जीतू योगी ने कहा कि संत समाज द्वारा पुजारी परिवार को सम्मानित किया जाना उनके लिए गौरव और हर्ष का विषय है। उन्होंने आयोजन के लिए संत समाज एवं श्रद्धालुओं के प्रति आभार व्यक्त किया।




