सागर
बिना अनुमति कृषि भूमि पर प्लॉटिंग कर अवैध कॉलोनी विकसित करने वालों के खिलाफ सागर कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर न्यायालय से जारी आदेशों के तहत जिले के विभिन्न क्षेत्रों में अवैध प्लॉटिंग और कॉलोनी निर्माण के मामलों में संबंधित लोगों को नोटिस जारी कर 15 दिन के भीतर अनधिकृत चिन्हांकन और निर्माण हटाने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि तय समय सीमा में आदेश का पालन नहीं किया गया तो संबंधित अवैध निर्माणों को हटाने की कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही संबंधित थाने में एफआईआर दर्ज कराने, भूमि के खसरा रिकॉर्ड के कॉलम नंबर 12 में ‘अहस्तांतरणीय’ दर्ज कराने और जमीन की खरीद-बिक्री पर रोक लगाने की कार्रवाई की जाएगी।
बीना के मौजा इटावा में खसरा नंबर 514/2/1/1/1/1/1/1/1/1/1/1, रकबा 0.717 हेक्टेयर पर बिना डायवर्जन और कॉलोनाइजर लाइसेंस के प्लॉटिंग कर 28 भूखंड बेचे जाने के मामले में आदित्य पिता देवेन्द्र सिंह ठाकुर के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
इसी तरह रहली के मौजा खमरिया में खसरा नंबर 221/1/1, रकबा 0.164 हेक्टेयर पर अवैध कॉलोनी विकसित करने के मामले में महेंद्र उर्फ मुन्ना पिता रामनाथ घोषी के विरुद्ध आदेश जारी किया गया है।
मौजा खमरिया में ही खसरा नंबर 537/2, रकबा 0.394 हेक्टेयर पर बिना अनुज्ञा और विकास कार्यों के प्लॉट बेचने के मामले में श्रीमती पुष्पा पति विनोद जैन के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
मौजा रहलीखास में खसरा नंबर 309/42/1/1/1, रकबा 0.2845 हेक्टेयर पर बिना अनुमति प्लॉटिंग करने के मामले में चंद्रभान पिता द्वारकाप्रसाद शर्मा के खिलाफ आदेश पारित किया गया है।
वहीं मौजा बमूराजैसिंह में खसरा नंबर 10/6/1/1/1/1/1/1, रकबा 1.227 हेक्टेयर पर बिना सक्षम अनुमति भूखंडों का विक्रय करने के मामले में श्रीमती संजना पति संतोष तिवारी के विरुद्ध कार्रवाई की गई है।
कलेक्टर ने मध्यप्रदेश नगर पालिका (कॉलोनी विकास) नियम 2021 के तहत संबंधित अनुविभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि इन जमीनों की खरीद-बिक्री रोकने के लिए संबंधित सूची उप-पंजीयक कार्यालय को भेजी जाए।
प्रशासन ने साफ कर दिया है कि 15 दिन की समय सीमा में अवैध निर्माण नहीं हटाया गया तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसमें अनधिकृत निर्माण हटाने के साथ एफआईआर और भूमि को अहस्तांतरणीय दर्ज करने की कार्यवाही



