सागर
महिलाओं के सम्मान और समाज में वैचारिक स्वच्छता स्थापित करने के उद्देश्य से कई वर्षों से चल रहे वैचारिक स्वच्छता अभियान के अंतर्गत सामाजिक कार्यकर्ता डॉ वंदना गुप्ता द्वारा एक महत्वपूर्ण अपील भारत सरकार के संज्ञान में लाई गई है।
वंदना गुप्ता जी ने “सीपीग्राम्स पोर्टल” पर दर्ज अपनी शिकायत के फीडबैक कॉल के दौरान प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग के अधिकारी श्री अवनीत जी से विस्तृत चर्चा की।
उन्होंने बताया कि बीते कई वर्षों से ‘वैचारिक स्वच्छता अभियान’ के माध्यम से वे लगातार समाज में जागरूकता बढ़ाने का कार्य कर रही हैं, जिसके अंतर्गत हर आयु वर्ग के नागरिकों को माँ, बहन, बेटी के नाम पर दी जाने वाली गालियों के विरुद्ध संकल्प दिलाया जाता है। यह 25–31 सेकंड का छोटा-सा संकल्प कार्यक्रम देशभर में हजारों लोगों द्वारा लिया जा चुका है।
17 सितंबर को ‘नो एब्यूज़ डे’ के रूप में मनाए जाने की पहल को व्यापक समर्थन मिला है और एक गूगल सर्वेक्षण में 96% लोगों ने ऐसे अभद्र शब्दों पर रोक लगाने और सरकारी स्तर पर कठोर कदम उठाने की आवश्यकता जताई है।
वंदना गुप्ता की प्रमुख माँगें:
1. सभी सरकारी कार्यालयों, सार्वजनिक स्थलों, विद्यालयों–महाविद्यालयों में ‘NO ABUSE’ बोर्ड लगाए जाएँ — जैसे ‘NO SMOKING’ बोर्ड लगाए जाते हैं।
2. महिलाओं को अपमानित करने वाली भाषा पर कानूनी दंडात्मक प्रावधान को स्पष्ट रूप से परिभाषित किया जाए।
3. ‘वैचारिक स्वच्छता अभियान’ को सरकारी जनजागरूकता अभियानों में शामिल किया जाए, जैसे स्वच्छ भारत मिशन।
4. सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग तथा संबंधित मंत्रालयों द्वारा स्पष्ट नीति निर्माण व समयबद्ध कार्रवाई की जाए।
फीडबैक में यह भी उल्लेख किया कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने 15 अगस्त 2022 को लाल किले से अपने संबोधन में इसी विषय पर चिंता व्यक्त करते हुए समाज से अपमानजनक भाषा के प्रयोग से मुक्ति पाने का संकल्प लेने की अपील की थी।
वंदना गुप्ता का वक्तव्य:
“आधी आबादी को अपमानित करने वाली भाषा समाज में खुलकर प्रयोग होती है। यह केवल सामाजिक समस्या नहीं, बल्कि भारत की संस्कृति और महिला सम्मान से जुड़े मूल्यों का प्रश्न है। ‘वैचारिक स्वच्छता’ उतनी ही आवश्यक है जितनी भौतिक स्वच्छता। सरकार और समाज दोनों की संयुक्त जिम्मेदारी है कि ऐसी भाषा को रोकने हेतु ठोस कदम उठाए जाएँ।”
प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग ने इस अपील को दर्ज कर लिया और संबंधित विभागों को अग्रेषित करने का आश्वासन दिया है।




