भारी वाहनों से सड़कें जर्जर, डीजल चोरी की घटनाओं पर भी उठे सवाल
पाटन (रिपोर्टर: शिंभू सिंह शेखावत)। राजस्थान-हरियाणा सीमा क्षेत्र में कथित अवैध पत्थर परिवहन और डीजल चोरी की बढ़ती घटनाओं को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि राजस्थान सीमा से पत्थरों से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉलियां दिन-रात हरियाणा के बायल गांव क्षेत्र तक पहुंचाई जा रही हैं।
ग्रामीणों के अनुसार, यह गतिविधियां रात तक सीमित नहीं हैं, बल्कि दिन के समय भी लगातार जारी रहती हैं। उनका दावा है कि प्रतिदिन करीब 20 से 25 पत्थरों से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉलियां इस मार्ग से गुजरती हैं। साथ ही क्षेत्र में डीजल चोरी की घटनाएं भी सामने आ रही हैं, जिससे कानून-व्यवस्था और सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। कुछ ग्रामीणों ने संबंधित विभागों के कुछ अधिकारियों की मिलीभगत की आशंका भी जताई है। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
सड़कें हुईं बदहाल, हादसों का खतरा
ग्रामीणों का कहना है कि भारी वाहनों की लगातार आवाजाही से मुख्य सड़कें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं। जगह-जगह गहरे गड्ढे बन गए हैं, जिससे राहगीरों, स्कूली बच्चों और किसानों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। धूल और दुर्घटनाओं की आशंका भी लगातार बनी हुई है।
ग्रामीणों की प्रमुख मांगें
ग्रामीणों ने राज्य सरकार, खनन विभाग, वन विभाग, परिवहन विभाग और पुलिस प्रशासन से मांग की है कि:
अवैध पत्थर परिवहन और डीजल चोरी के मामलों की निष्पक्ष एवं उच्च स्तरीय जांच कराई जाए।
दोषियों तथा यदि किसी अधिकारी की संलिप्तता सामने आए तो उनके खिलाफ भी कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।
सीमा क्षेत्र में पुलिस और खनन विभाग की नियमित गश्त एवं निगरानी बढ़ाई जाए।
क्षतिग्रस्त सड़कों की शीघ्र मरम्मत कर आमजन को राहत दी जाए।
नोट: समाचार में उल्लिखित अवैध गतिविधियों और अधिकारियों की कथित मिलीभगत संबंधी दावे ग्रामीणों के आरोपों पर आधारित हैं। इनकी आधिकारिक पुष्टि संबंधित विभागों द्वारा किया जाना शेष है।



