*जोधपुरा संघर्ष समिति का गत 1295 दिनों में अनिश्चितकालीन धरना जारी*
रिपोर्टर:-(शिंभू सिंह शेखावत)
कोटपूतली :- राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) के आदेशों की पालना नहीं होने से नाराज ग्रामीणों ने जोधपुरा संघर्ष समिति के बैनर तले जिला मुख्यालय पर महापड़ाव शुरू किया। बड़ी संख्या में ग्रामीण नगरपरिषद पार्क में एकत्रित हुए, जहां से उन्होंने रैली निकालकर जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर धरना शुरू किया। संघर्ष समिति ने आरोप लगाया कि अल्ट्राटेक सीमेंट प्लांट द्वारा NGT के निर्देशों का लगातार उल्लंघन किया जा रहा है। ग्रामीणों ने कहा कि आबादी क्षेत्र के निकट ब्लास्टिंग, ध्वनि प्रदूषण और धूल प्रदूषण की समस्या अब भी बनी हुई है, जिससे क्षेत्र के लोगों का जीवन प्रभावित हो रहा है। समिति का अनिश्चितकालीन धरना 1295वें दिन में प्रवेश कर गया। समिति के संरक्षक प्रभुदयाल गुरुजी ने बताया कि NGT ने 3 नवम्बर 2025 को जारी आदेशों में विभिन्न निर्देशों की पालना के लिए तीन माह का समय दिया था, लेकिन करीब आठ माह बीत जाने के बाद भी आदेशों की पूर्ण पालना नहीं हुई। उन्होंने इसे प्रशासनिक विफलता बताया। ग्रामीणों कहा कि आबादी से 500 मीटर की परिधि में ब्लास्टिंग नहीं करने संबंधी आदेशों के उल्लंघन को लेकर सहायक खनन अभियंता द्वारा जिला कलेक्टर को रिपोर्ट भी भेजी गई थी। इसके बावजूद अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। समिति ने आरोप लगाया कि वर्तमान में भी स्कूल, मंदिर और आबादी से करीब 250 से 300 मीटर की दूरी पर ब्लास्टिंग की जा रही है। ग्रामीणों ने रात्रिकालीन ध्वनि प्रदूषण, हाई-मास्ट लाइटों की समस्या तथा क्रेशर संचालन से उड़ने वाली धूल को लेकर भी नाराजगी जताई। उनका कहना था कि रात के समय होने वाले शोर और प्रदूषण से लोगों की दिनचर्या प्रभावित हो रही है। संघर्ष समिति के सचिव कैलाश यादव ने बताया कि प्रशासन को महापड़ाव के दौरान मेडिकल टीम, शुद्ध पेयजल, शौचालय, छाया और सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराने की मांग की गई थी। उन्होंने कहा कि आंदोलन गांधीवादी और अहिंसात्मक तरीके से संचालित किया गया तथा क्षेत्र के सामाजिक, राजनीतिक और गैर-राजनीतिक संगठनों से सहयोग की अपील की गई। महापड़ाव में कैलाश यादव, सतपाल यादव, राधेश्याम यादव, लीलाराम यादव, धर्मपाल योगी, प्रभु दयाल गुरुजी, हरिराम यादव, सहित सभी संगठनों ने महापड़ाव को सफल बनाने में अहम योगदान दिया।




