
डेढ़ घंटे की बारिश में सड़कें जलमग्न, नालियों में कचरा; डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण को लेकर भी उठे सवाल
रिपोर्टर : शिंभू सिंह शेखावत
नीमकाथाना। गर्मी और उमस से परेशान लोगों को बारिश से राहत मिली, लेकिन करीब डेढ़ घंटे की बारिश ने नीमकाथाना शहर की सफाई और जल निकासी व्यवस्था की स्थिति भी सामने ला दी। शहर के कई हिस्सों में सड़कों पर पानी जमा हो गया। जलभराव, कीचड़ और फिसलन के कारण राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
बारिश के बाद कई स्थानों पर नालियों में कचरा और गंदगी जमा दिखाई दी। इससे जल निकासी व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि नालियों की नियमित सफाई और कचरा उठाने की व्यवस्था प्रभावी है, तो बारिश के बाद जगह-जगह कचरे के ढेर क्यों नजर आते हैं।
सफाई के दौरान नालियों में मिट्टी-कचरा जाने की शिकायत
स्थानीय लोगों की शिकायत है कि कुछ स्थानों पर सड़क और डिवाइडर के किनारे जमा मिट्टी व कचरे को समय पर उठाने के बजाय सफाई के दौरान नालियों में पहुंच जाने से जल निकासी प्रभावित होती है। बारिश के समय यही मिट्टी और कचरा बहकर सड़क पर आ जाता है, जिससे कीचड़ और फिसलन की स्थिति बनती है।
कचरा टिप्परों के संचालन पर भी सवाल
शहर में कचरा संग्रहण के लिए चल रहे टिप्परों को लेकर भी लोगों की शिकायतें सामने आ रही हैं। कुछ क्षेत्रों में कचरा उठाने के समय और निर्धारित रूट को लेकर स्पष्टता नहीं होने की बात कही जा रही है। वहीं, कुछ वाहनों से कचरा उड़कर सड़क पर फैलने की शिकायत भी सामने आती रही है। ऐसे में कचरा परिवहन के दौरान वाहनों को ढकने और नियमित निगरानी की जरूरत बताई जा रही है।
वार्ड 16 से 32 में डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण को लेकर शिकायत
स्थानीय लोगों के अनुसार वार्ड नंबर 16, जो वर्तमान में वार्ड 32 में शामिल है, वहां कुछ घरों तक डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण वाहन नहीं पहुंच रहा है। लोगों का कहना है कि संबंधित रास्ते में वाहन जाने के लिए पर्याप्त जगह होने के बावजूद छह-सात घरों तक कचरा वाहन नहीं पहुंचता।
वार्ड निवासी दिलीप सिंह और महावीर प्रसाद शर्मा सहित स्थानीय लोगों का कहना है कि इस संबंध में नगर पालिका के वर्तमान अधिशासी अधिकारी तथा अन्य कर्मचारियों द्वारा मौके का निरीक्षण भी किया जा चुका है। इसके बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं होने की शिकायत है। लोगों का तर्क है कि इसी रास्ते पर पानी का टैंकर नियमित रूप से पहुंच सकता है तो कचरा संग्रहण वाहन के पहुंचने में क्या परेशानी है।
माइक-साउंड व्यवस्था पर भी उठे सवाल
नगर पालिका की ओर से स्वच्छता के प्रति जागरूकता के लिए लगाए गए माइक-साउंड सिस्टम के भी कई स्थानों पर बंद रहने की शिकायत सामने आई है। लोगों का कहना है कि केवल व्यवस्थाएं कागजों पर दर्ज होने के बजाय उनका नियमित संचालन और निरीक्षण भी जरूरी है।
निगरानी और जवाबदेही की मांग
शहरवासियों का कहना है कि वार्डवार सफाई व्यवस्था, कर्मचारियों की उपस्थिति, कचरा संग्रहण वाहनों के रूट और नालियों की सफाई की नियमित मॉनिटरिंग होनी चाहिए। अधिकारियों द्वारा अचानक निरीक्षण कर मौके की वास्तविक स्थिति देखी जाए और आमजन से सीधे फीडबैक लिया जाए।
स्वच्छता अभियान की सफलता केवल बजट और कागजी रिपोर्ट से नहीं, बल्कि सड़कों की सफाई, नालियों की स्थिति और बारिश के दौरान जलभराव की समस्या से राहत मिलने से तय होगी। अब देखना होगा कि नगर पालिका प्रशासन इन शिकायतों पर क्या कार्रवाई करता है और आगामी बारिश से पहले जल निकासी एवं सफाई व्यवस्था में कितना सुधार दिखाई देता है।




