रिपोर्टर शिंभू सिंह शेखावत/डाबला
आज़ादी के समय से संचालित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय डाबला के जर्जर भवन के जीर्णोद्धार में पूर्व छात्र, भामाशाह और ग्रामीण बढ़-चढ़कर सहयोग कर रहे हैं। लगभग 10 लाख रुपये की जनसहयोग राशि से विद्यालय की छत की मरम्मत और आंगन निर्माण का कार्य जारी है।
इसी क्रम में विद्यालय के पूर्व प्राचार्य नवीन टांक के दो शिष्यों—ऋषि कुमार और राजू ठेकेदार—ने विद्यालय की छत तक पहुंचने के लिए सीढ़ी निर्माण कराने की जिम्मेदारी ली है। ऋषि कुमार वर्ष 2009 में कक्षा 12 उत्तीर्ण कर वर्तमान में दिल्ली अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड में व्याख्याता हैं, जबकि राजू ठेकेदार भवन निर्माण कार्य से जुड़े हैं और उन्होंने कक्षा 10 तक इसी विद्यालय में अध्ययन किया।
विद्यालय विकास कार्य का नेतृत्व कर रहे सत्यप्रकाश स्वामी एवं व्याख्याता नरेश कुमार ने बताया कि सीढ़ी बनने से छत की देखरेख और वर्षा ऋतु में मरम्मत कार्य आसान होगा।
पूर्व प्राचार्य नवीन टांक ने वर्ष 2011 में व्याख्याता के रूप में इसी विद्यालय में सेवाएं शुरू की थीं और वर्ष 2019 तक यहां कार्यरत रहे। ग्रामीणों का कहना है कि डाबला का यह विद्यालय क्षेत्र की शिक्षा और संस्कार का प्रमुख केंद्र रहा है तथा आज भी पूर्व छात्र अपने विद्यालय के विकास में बढ़-चढ़कर योगदान दे रहे हैं।




