सागर बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज के ईएनटी विभाग ने एक दुर्लभ और गंभीर बीमारी “एग्रेसिव फंगल साइनोसाइटिस” से पीड़ित मरीज का सफल ऑपरेशन कर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। डॉक्टरों की टीम ने समय रहते सर्जरी कर मरीज की जान बचाने के साथ उसकी आंखों की रोशनी भी सुरक्षित रखी।
38 वर्षीय मरीज पिछले 2-3 महीनों से बाईं आंख में तेज दर्द, चेहरे पर सूजन और धुंधला दिखाई देने की समस्या से परेशान था। संक्रमण बढ़ने के कारण उसकी आंख बाहर की ओर निकलने लगी थी। सीटी स्कैन और एमआरआई जांच में पता चला कि फंगल संक्रमण आंख की मांसपेशियों और आई-बॉल पर दबाव बना रहा था, जिससे मरीज के अंधा होने का खतरा पैदा हो गया था।
मरीज की गंभीर स्थिति को देखते हुए ईएनटी विशेषज्ञों ने तुरंत सर्जरी का फैसला लिया। आधुनिक एफईएसएस (फंक्शनल एंडोस्कोपिक साइनस सर्जरी) और ऑर्बिटल डीकंप्रेसन तकनीक के जरिए नाक के रास्ते से संक्रमित फंगल मास को सफलतापूर्वक बाहर निकाला गया। ऑपरेशन के बाद आंख पर पड़ रहा दबाव कम हो गया और मरीज की दृष्टि में सुधार देखने को मिला। फिलहाल मरीज स्वस्थ है।
मीडिया प्रभारी डॉ. सौरभ जैन के अनुसार, ऑपरेशन टीम में ईएनटी विभाग की डॉ. रीमा गोस्वामी, डॉ. दिनेश जैन, डॉ. सादिया आफरीन, डॉ. श्वेतांक और डॉ. निधि शामिल रहीं, जबकि एनेस्थीसिया विभाग से डॉ. अजय सिंह ने सहयोग किया।
बीएमसी के डीन डॉ. पी.एस. ठाकुर ने पूरी टीम को बधाई देते हुए कहा कि संस्थान अब आधुनिक तकनीकों और विशेषज्ञ चिकित्सकों की मदद से गंभीर बीमारियों के इलाज में सक्षम हो चुका है।




