सागर
शासकीय स्वशासी कन्या स्नातकोत्तर उत्कृष्टता महाविद्यालय सागर के नवीन भवन में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस एवं भारतीय ज्ञान परम्परा के संयुक्त तत्वावधान में विभिन्न कार्यक्रम महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. आनंद तिवारी के संरक्षण एवं संयोजक डॉ. प्रतिमा खरे के निर्देशन में आयोजित किये गये। जिसमें मॉडल, पोस्टर की प्रदर्शनी, क्विज एवं विषय विशेषज्ञ के व्याख्यान आयोजित किये गये। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि एवं विषय विशेषज्ञ डॉ. इला तिवारी, पूर्व प्राचार्य शासकीय स्वशासी कन्या स्नातकोत्तर उत्कृष्टता महाविद्यालय सागर तथा अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य द्वारा की गई।
कार्यक्रम का शुभारंभ गणेशजी एवं सरस्वती जी के पूजन एवं विज्ञान प्रदर्शनी का रिबिन काट कर हुआ। कार्यक्रम की संयोजक डॉ. प्रतिमा खरे ने स्वागत भाषण एवं कार्यक्रम की रूप रेखा प्रस्तुत करते हुये कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा हजारों वर्षों से विकसित ज्ञान का एक समृद्ध कोष है। आधुनिक विज्ञान कई मामलों में भारतीय ज्ञान परम्परा का वैज्ञानिकता की पुष्टि कर रहा है। जैसे कोणार्क के सूर्य मंदिर में प्राचीन घड़ी जिससे सूर्य प्रकाश द्वारा समय को इंगित करना, शल्य चिकित्सा, गुरूवाकर्षण व आयुर्वेद आदि प्राचीन वैज्ञानिक दृष्टिकोण को सिद्ध करते है। अध्यक्षता कर रहे प्राचार्य महोदय ने पर्यावरण के प्रति चिन्ता व्यक्त कर उर्जा संरक्षण एवं उर्जा न्याय पर जोर डाला। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि डॉ. इला तिवारी ने कहा की भारतीय ज्ञान, वैज्ञानिकता से भरा हुआ है, बस उसको यथार्थ में लाने की आवश्यकता है। हमारे ऋषिमुनी प्राचीन युग के वैज्ञानिक कहलाते थे। उनके शोध का केन्द्र ब्रह्यांड, प्रकृति, पर्यावरण एवं पेड़ पौधे हुआ करते थेे एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण के आधार पर दैनिक जीवन यापन के नियम बनाते थे। डॉ. आर.के. नगार्च ने राष्ट्रीय विज्ञान दिवस 2026 की थीम ‘‘विज्ञान में महिलाओं की भूमिका‘‘ बताते हुए प्रथम महिला वैज्ञानिक डॉ. विभा चौधरी के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में योगदान पर प्रकाश डाला। डॉ. एम.के. मिश्रा ने प्रधानमंत्री जी द्वारा निर्धारित किये गये पंचामृत लक्ष्यों एवं उर्जा न्याय को विस्तार से बताते हुए सभी का आभार व्यक्त किया।प्रदर्शनी डॉ. स्वीटी मिश्रा, डॉ. एम.के. मिश्रा व डॉ. अर्चना मिश्रा के निर्देशन में लगाई गई। जिसमेंछात्राओं ने 20 माडल व 15 पोस्टर की प्रदर्शनी लगाई तथा निर्णायकों द्वारा श्रेष्ठ को पुरस्कृत किया गया। डॉ. सत्यप्रकाश बैरया व डॉ. नीरज बलाही के निर्देशन में क्विज में 45 छात्राओं ने भाग लिया। क्विज वनस्पति, प्राणी, रसायन, गणित एवं भौतिक शास्त्र पर आधारित प्रश्नों पर आयोजित की गई। कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. स्वीटी मिश्रा द्वारा किया गया। कार्यक्रम के सफल आयोजन मेंडॉ. पद्मा आचार्य, डॉ. मधु स्थापक, डॉ. आर.एस. वर्मा, डॉ. प्रशांत सोनी, डॉ. आशालता पटैल, डॉ. संजय दोहरे, श्री धर्मेन्द्र कुशवाहा, श्री नंदकिशोर लोधी श्री दीपेश जैन, श्री भूपेंद्र अहिरवार, श्रीमती नरगिस खांन, डॉ. सपना राजौरिया श्रीमती गुलाब देवी पटैल, कु. समरा खांन का सक्रिय सहयोग रहा।




