देशभर की वी बहनों ने लिया संकल्प, स्कूलों के साथ कार्यालयों और सार्वजनिक स्थलों पर ‘नो एब्यूज’ बोर्ड लगाने की मांग
गोधरा (गुजरात), “माँ-बहन-बेटी की गालियां अब बंद होनी चाहिए” संदेश के साथ चल रहे वैचारिक स्वच्छता अभियान को राष्ट्रीय स्तर पर विस्तार देने की दिशा में पहल तेज हुई है। गोधरा में देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचीं वी क्लब की बहनों ने 17 सितंबर को ‘नो एब्यूज–जनजागृति संकल्प दिवस’ के रूप में मनाने तथा अभियान को विद्यालयों तक ले जाने का संकल्प लिया।
8 और 9 अगस्त को दाहोद रोड स्थित होटल लग्जरा में द एसोसिएशन ऑफ वी क्लब्स ऑफ इंडिया की इंस्टॉलेशन सेरेमनी आयोजित हुई। कार्यक्रम में वैचारिक स्वच्छता अभियान की संस्थापक एवं वी क्लब की फाउंडर मेंबर डॉ. वंदना गुप्ता भी शामिल हुईं। इस दौरान सागर जिले में शिक्षा विभाग के माध्यम से अभियान लागू किए जाने की पहल की जानकारी मिलने पर विभिन्न राज्यों से आई वी बहनों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे प्रेरणादायक बताया।
अपने-अपने राज्यों में अभियान चलाने का संकल्प
कार्यक्रम में शामिल महिलाओं ने संकल्प लिया कि वे अपने-अपने राज्यों में शिक्षा विभाग के माध्यम से विद्यालयों में ‘NO ABUSE’ बोर्ड लगाने, माँ-बहन-बेटी से जुड़ी गालियों से परहेज करने का संकल्प दिलाने तथा 17 सितंबर को जनजागृति दिवस के रूप में मनाने की पहल करेंगी।
डॉ. वंदना गुप्ता ने इस संकल्प का स्वागत करते हुए कहा कि सागर से शुरू हुई यह पहल अब राष्ट्रीय स्तर पर विस्तार की ओर बढ़ रही है। उन्होंने 17 सितंबर को स्थायी संस्कार निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण दिन बताते हुए शिक्षा विभाग के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।
कार्यालयों और सार्वजनिक स्थलों पर भी लगे ‘नो एब्यूज’ बोर्ड
डॉ. गुप्ता ने कहा कि स्कूलों में संकल्प अभियान के समानांतर सभी सरकारी एवं गैरसरकारी कार्यालयों तथा सार्वजनिक स्थलों पर भी ‘NO ABUSE’ बोर्ड लगाए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने शासन-प्रशासन से इस दिशा में सहयोग की अपेक्षा जताई।
उन्होंने बताया कि इसी संबंध में सागर जिलाधीश को 6 अगस्त को पत्र देकर कार्यालयों और सार्वजनिक स्थलों पर ‘नो एब्यूज’ बोर्ड लगाने की पहल का आग्रह किया जा चुका है।
कार्यक्रम में लिया गया संकल्प महिलाओं की सक्रिय भागीदारी के साथ ‘माँ-बहन-बेटी की गाली से मुक्त समाज’ की दिशा में जागरूकता बढ़ाने का प्रयास है। अभियान का मुख्य संदेश है— “माँ-बहन-बेटी की गालियां अब बंद होनी चाहिए।”



