
हरियाणा बॉर्डर तक जाने वाले करीब 3 किमी मार्ग की हालत खराब, ग्रामीणों ने जताया आक्रोश
रिपोर्टर : शिंभू सिंह शेखावत
डाबला, नीमकाथाना। पाटन पंचायत समिति के ग्राम पंचायत बिहार डाबला से हरियाणा सीमा स्थित बड़े वाले बालाजी मंदिर तक जाने वाला करीब तीन किलोमीटर लंबा मार्ग लंबे समय से बदहाली का शिकार है। सड़क पर जगह-जगह गड्ढे और बारिश का पानी भरने से मार्ग की स्थिति ऐसी हो गई है कि यह सड़क कम और तालाब अधिक नजर आने लगी है। इससे ग्रामीणों और राहगीरों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
क्षेत्र की बदहाल सड़क को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता एवं सरपंच प्रत्याशी नरेंद्र सैनी ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि सड़क की समस्या को लेकर पूर्व में भी ग्रामीणों ने विरोध-प्रदर्शन कर सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) का ध्यान आकर्षित कराया था। इसके बाद विभागीय अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर सड़क का निरीक्षण भी किया, लेकिन अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है।
वीआईपी और अंतरराज्यीय मार्ग होने के बावजूद अनदेखी
नरेंद्र सैनी ने आरोप लगाया कि यह मार्ग क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों के आवागमन का भी प्रमुख रास्ता है। नीमकाथाना के वर्तमान एवं पूर्व विधायक सहित पड़ोसी खेतड़ी क्षेत्र के विधायक भी इस मार्ग से गुजरते हैं, इसके बावजूद सड़क की स्थिति में सुधार नहीं हुआ।
उन्होंने कहा कि सीकर जिले की अंतिम सीमा और हरियाणा बॉर्डर से सटे डाबला क्षेत्र में पिछले कई वर्षों से विकास कार्य अपेक्षित गति से नहीं हुए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क के साथ-साथ पानी, बिजली और शिक्षा जैसी मूलभूत सुविधाओं को लेकर भी क्षेत्र में समस्याएं बनी हुई हैं।
समय पर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी
नरेंद्र सैनी ने नीमकाथाना PWD विभाग के अधिकारियों तथा जनप्रतिनिधियों से सड़क की समस्या का तत्काल संज्ञान लेकर निर्माण एवं मरम्मत कार्य शुरू कराने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते सड़क की समस्या का समाधान नहीं किया गया तो ग्रामीण अपने अधिकारों के लिए आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के दौरान सड़क पर पानी भर जाने से दोपहिया वाहन चालकों, विद्यार्थियों और पैदल राहगीरों को सबसे अधिक परेशानी होती है। ऐसे में सड़क का स्थायी समाधान क्षेत्रवासियों की प्राथमिक मांग बन गया है।



