कला, संस्कृति, पुरातत्व और पांडुलिपियों के संरक्षण व शोध को मिलेगा बढ़ावा, विद्यार्थियों के लिए खुलेंगे नए अवसर
सागर
डॉ. हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय ने एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक उपलब्धि हासिल करते हुए संस्कृति मंत्रालय के अंतर्गत नई दिल्ली स्थित इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र (IGNCA) के साथ ऐतिहासिक शैक्षणिक समझौता (एमओयू) किया है। इस समझौते पर दोनों संस्थानों के प्रतिनिधियों ने हस्ताक्षर किए।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. वाई. एस. ठाकुर, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र के सदस्य सचिव डॉ. सच्चिदानंद जोशी, विश्वविद्यालय के संकाय मामलों के निदेशक एवं विभागाध्यक्ष प्रो. अजीत जायसवाल तथा संस्कृति मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
एमओयू का उद्देश्य कला, संस्कृति, पुरातत्व, लोक परंपराओं और पांडुलिपियों के संरक्षण, शोध तथा शैक्षणिक सहयोग को नई दिशा देना है। इसके तहत संयुक्त सेमिनार, कार्यशालाएं, प्रदर्शनियां, सांस्कृतिक गतिविधियां, डिजिटलीकरण परियोजनाएं तथा विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों के लिए इंटर्नशिप और शोध सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
कुलपति प्रो. वाई. एस. ठाकुर ने कहा कि इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र जैसे राष्ट्रीय संस्थान के साथ यह सहयोग विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों और शोधार्थियों को भारतीय कला एवं संस्कृति को गहराई से समझने का अवसर प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि यह समझौता शैक्षणिक और सांस्कृतिक क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगा तथा मध्य प्रदेश ही नहीं, बल्कि पूरे देश की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और संवर्धन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।



