*स्वच्छता जागरूकता हेतु झील किनारे प्रारम्भ गंगा आरती देश-प्रदेश में सागर का मान बढ़ा रही*
सागर
गंगा आरती का सांस्कृतिक आध्यात्मिक आयोजन सागर के ऐतिहासिक लाखा बंजारा झील की स्वच्छता का प्रेरक बनने के साथ साथ सागर का मान देश प्रदेश में बढ़ाने में सहयोगी बना है। दूर दूर से आगनतुक गंगा आरती में शामिल हो धर्मलाभ ले रहे हैं। महाराष्ट्र कर्नाटक क्षेत्र के प्रसिद्ध दत्तात्रेय स्वामी समर्थ पंथ के संत आबा साहेब गंगा आरती में शामिल हुए। संत श्री आबा साहेब ने कहा की सागर में गंगा आरती ऐसी लगी जैसे साक्षात् गंगा किनारे खड़े हों, सभी का खूब खूब कल्याण हो।
प्रत्येक सोमवार को झील किनारे महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों और युवाओं सहित बड़ी संख्या में नागरिकगण गंगा आरती में शामिल होकर धर्म लाभ ले रहे हैं।
सागर शहर की ऐतिहासिक पहचान लाखा बंजारा झील को स्वच्छ, सुंदर बनाने के उद्देश्य से नगर निगम आयुक्त एवं स्मार्ट सिटी सह कार्यकारी निदेशक राजकुमार खत्री के मार्गदर्शन में झील के किनारे चकराघाट पर प्रत्येक सोमवार को नियमित रूप से गंगा आरती का आयोजन किया जा रहा है। निगमायुक्त द्वारा प्रारम्भ कराई गई गंगा आरती का नवाचार बड़ी संख्या में नागरिकों को श्रद्धा के साथ स्वच्छता के प्रति जागरूक बना रहा है । स्वच्छता के साथ भक्ति प्रेरणा से प्रेरित होकर प्रति सोमवार आयोजित होने वाली इस गंगा आरती में शहर के विभिन्न वार्डों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुजन श्रद्धा, उत्साह और हर्षोल्लास के साथ सहभागिता कर रहे हैं।
*गंगा आरती में नागरिक बन सकते हैं मुख्य यजमान*
लाखा बंजारा झील पर आयोजित गंगा आरती में समय-समय पर शहर के सम्माननीय नागरिक मुख्य यजमान बनकर सहभागिता कर रहे हैं। प्रत्येक सोमवार जो भी श्रद्धालु यजमान बनना चाहते हैं, वे आरती से 30 मिनट पूर्व संपर्क कर सकते हैं।




