
सागर
आवेदक दिग्विजय सिंह उर्फ घनश्याम राजपूत (लोधी) नि. पनवारी तह. घुवारा जि. छतरपुर (म.प्र.) द्वारा ई०ओ०डब्ल्यू० सागर में एक आवेदन पत्र प्रस्तुत किया, जिसमें सेवा सहकारी समिति पनवारी जिला छतरपुर में रिक्त सेल्समेन के पद पर आवेदक की नियुक्ति हेतु शिवेंद्र देव पांडेय, संयुक्त आयुक्त सहकारिता. सागर संभाग, सागर द्वारा 1 लाख रूपये की मांग किये जाने का आरोप लगाया था।
आवेदन पत्र के सत्यापन के दौरान आरोप सही पाए गए और आरोपी द्वारा आवेदक के कार्य के लिए रिश्वत की मांग किया जाना पाया गया। आवेदक द्वारा 1 लाख रूपये की व्यवस्था में असमर्थता जताने पर संयुक्त आयुक्त सहकारिता शिवेंद्र देव पांडेय 50 हजार रुपये की रिश्वत लेने के लिए तैयार हो गया। दिनांक 23/07/2025 को आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ इकाई सागर की टीम द्वारा आरोपी संयुक्त आयुक्त सहकारिता सागर संभाग शिवेंद्र देव पांडेय को आवेदक से 50 हजार रूपये की रिश्वत लेते पकडा गया। पंच साक्षी के समक्ष विधिवत आरोपी संयुक्त आयुक्त के हाथ केमिकल से धुलवाने पर गुलाबी रंग के हो गए। सहकारी समिति पनवारी जिला छतरपुर में रिक्त सेल्समेन के पद पर आवेदक की नियुक्ति का प्रस्ताव समिति द्वारा पारित कर अनुमोदन हेतु संयुक्त आयुक्त सहकारिता के कार्यालय में लंबित था। आरोपी के विरुद्ध धारा 7 भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया।
ट्रैप टीम में ई०ओ०डब्ल्यू० सागर से उप पुलिस अधीक्षक श्रीमती उमा नवल आर्य, निरीक्षक प्रशांत मिश्रा, निरीक्षक आदेश जैन, उप निरीक्षक श्रीमती अंजलि तिवारी, उप निरीक्षक श्रीमती सोनल पाण्डेय, सूबेदार (अ) कु. रोशनी सोनी, उनि (अ) अतुल पंथी, प्रधान आरक्षक आसिफ अली, बृजेन्द्र सिंह राजपूत, रामसजीवन यादव, प्रधान आरक्षक (चालक) अफसर अली, आरक्षक आशीष मिश्रा, अंकित मिश्रा, आकाश दीक्षित की महत्वपूर्ण भूमिका रही।




